
हाथरस 23 फरवरी । जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति और जिला निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण ट्रैकर एप पर डेटा फीडिंग और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की गहन समीक्षा की। कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी।
एनीमिया मुक्त हाथरस प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन डेटा की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं को एनीमिया (खून की कमी) से मुक्त करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ब्लॉकवार डेटा संकलन कर त्रुटिरहित रिपोर्ट पेश करने और निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, बच्चों का नियमित वजन और लंबाई माप कर पोषण ट्रैकर एप पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा।
कम प्रगति वाले ब्लॉकों को चेतावनी
समीक्षा के दौरान अर्बन क्षेत्र हाथरस व सहलाऊ में आधार सत्यापन और हसायन, सासनी व सादाबाद में बच्चों के वजन डेटा फीडिंग की प्रगति कम मिली। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सैम/मैम (कुपोषित) बच्चों के प्रबंधन और उनके अभिभावकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
भवन निर्माण और भर्ती प्रक्रिया पर निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती को पूर्णतः पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्राथमिक विद्यालयों में संचालित केंद्रों और निजी भवनों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। पोषाहार का वितरण और भंडारण मानक के अनुरूप होना चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प और लर्निंग लैब के अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सोनी कुमारी सम्मानित
बैठक के दौरान एक सकारात्मक पक्ष भी सामने आया। बाल विकास परियोजना अधिकारी (हाथरस ग्रामीण) श्रीमती सोनी कुमारी को विभागीय योजनाओं और पोषण ट्रैकर एप पर उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), जिला सूचना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), जिला पूर्ति अधिकारी और आईसीडीएस का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।











