
हाथरस 23 फरवरी । जनपद में चल रहे मीजल्स-रूबैला (MR) टीकाकरण अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लॉक हसायन का औचक निरीक्षण किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम.आई. आलम, वीसीसीएम दिनेश सिंह और डीसी जेएसआई सतेन्द्र कुमार ने विभिन्न टीकाकरण सत्रों का जायजा लिया, जहां खामियां मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। दोपहर 1:30 बजे टीम सरोजदेवी इंटर कॉलेज, पिछैती पहुंची। यहां एएनएम ललितेश कुमारी और आशा संतोष कुमारी द्वारा सत्र का आयोजन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एएनएम के पास टीकाकरण के लिए बच्चों की अनिवार्य सूची उपलब्ध नहीं थी। साथ ही, स्कूल में पंजीकृत 90 बच्चों के सापेक्ष 39 बच्चों का टीकाकरण तो हो चुका था, लेकिन यूविन (U-Win) पोर्टल पर केवल 28 बच्चों की ही एंट्री की गई थी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर से मॉनिटरिंग का अभाव भी देखा गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त एएनएम और सुपरवाइजर का स्पष्टीकरण प्राप्त कर दो कार्य दिवस के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करें।
इसके पश्चात टीम ने नगला शेखा स्थित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। यहां एएनएम आरती द्वारा दो स्कूलों के 77 पंजीकृत बच्चों में से 53 को टीका लगाया जा चुका था। यद्यपि यहां भी बच्चों की भौतिक सूची मौजूद नहीं थी, लेकिन यूविन पोर्टल पर डेटा की एंट्री समय के साथ की जा रही थी, जिस पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। हालांकि, इस सत्र पर भी ब्लॉक स्तर से कोई मॉनिटरिंग नहीं पाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डेटा को रियल-टाइम पोर्टल पर चढ़ाना और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना अनिवार्य है।











