सिकंदराराऊ 22 फरवरी । क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान समय पर उपचार न मिलने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए चल रहा सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर का लंबा संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। वर्ष 2015 से अधर में लटका यह केंद्र अब सक्रिय हो गया है। पूर्व एमएलसी डॉ. राकेश सिंह राना के नेतृत्व में चले व्यापक हस्ताक्षर अभियान और जनदबाव के बाद जिलाधिकारी हाथरस की संवेदनशील पहल से यहाँ डॉक्टरों की नियुक्ति और सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि 24 मार्च 2015 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में डॉ. राकेश सिंह राना द्वारा इस ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास किया गया था। दो साल में भवन तो बनकर तैयार हो गया, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों और उपकरणों की कमी के कारण यह केवल एक इमारत बनकर रह गया था। गंभीर मरीजों को अलीगढ़ या आगरा रेफर करना पड़ता था, जिससे रास्ते में ही कई लोग दम तोड़ देते थे। इस केंद्र को पूर्णतः संचालित कराने के लिए डॉ. राकेश सिंह राना ने 16 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक 80 गांवों में पहुँचकर विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया। हजारों नागरिकों के समर्थन ने शासन-प्रशासन को इस ओर ध्यान देने पर मजबूर किया।
जनभावनाओं का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने ट्रॉमा सेंटर में एक सर्जन और एनेस्थेटिक डॉक्टर की नियुक्ति कर दी है। इसके साथ ही एक्स-रे मशीन के लिए टेक्नीशियन की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। सुखद परिणाम यह रहा कि पिछले कुछ दिनों में यहाँ सफल ऑपरेशन भी किए गए। जिलाधिकारी ने ट्रॉमा सेंटर में एक ब्लड बैंक स्थापित करने की भी महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
डॉ. राकेश सिंह राना ने जिलाधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि संघर्ष अभी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि वह एकत्रित हस्ताक्षरों के साथ महामहिम राज्यपाल को पत्र सौंपेंगे, ताकि सरकार को यहाँ आईसीयू, रेडियोलॉजिस्ट, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने के निर्देश मिल सकें। लक्ष्य यह है कि क्षेत्रवासियों को 24 घंटे समस्त मानकों के साथ आपातकालीन चिकित्सा सुविधा मिल सके।















