
हाथरस 19 फरवरी । उत्तर प्रदेश के लैण्ड लॉक्ड स्टेट होने के कारण प्रदेश के निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गेटवे पोर्ट तक माल-भाड़े पर अनुदान योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम श्रेणी की सभी निर्माता-निर्यातक इकाइयों को इनलैण्ड कंटेनर डिपो/कंटेनर फ्रेट स्टेशन अथवा ट्रक के माध्यम से गेटवे पोर्ट तक निर्यात हेतु भेजे गए माल के भाड़े की प्रतिपूर्ति की जा रही है। 06 नवम्बर 2025 को जारी शासनादेश के अनुसार पूर्व में 20 फीट कंटेनर पर ₹10,000 तथा 40 फीट कंटेनर पर ₹20,000 प्रति टीईयू दी जा रही सहायता को बढ़ाकर क्रमशः ₹20,000 एवं ₹40,000 प्रति टीईयू कर दिया गया है, साथ ही एक वित्तीय वर्ष में प्रति निर्यातक अधिकतम अनुदान राशि ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख कर दी गई है। इस योजना में समुद्री बंदरगाहों के साथ-साथ शुष्क बंदरगाह (ड्राई पोर्ट) भी सम्मिलित हैं, जिनसे होकर पड़ोसी देशों को निर्यात किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2470 निर्यातक इकाइयों को ₹1736.13 लाख तथा 2024-25 में 2871 निर्यातक इकाइयों को ₹2133.72 लाख की सहायता वितरित की गई, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में ऑनलाइन दावों की स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। औद्योगिक विकास को गति देने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के माध्यम से स्थिर नीति, सुदृढ़ विधिक ढांचा, उद्योगपरक वातावरण तथा निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं—जैसे अंतरराष्ट्रीय विपणन विकास, गेटवे पोर्ट तक माल-भाड़ा अनुदान एवं वायुयान भाड़ा युक्तिकरण—में उपादान दरों की महत्वपूर्ण वृद्धि कर प्रदेश के निर्यातकों को अधिक लाभप्रद बनाया गया है।











