
हाथरस 17 फरवरी । आगरा रोड स्थित राज्य कर (जीएसटी) कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित मिले। बताया गया कि एसआईआर (SIR) ड्यूटी में लगाए जाने के कारण कार्यालय लंबे समय से अधिकारी-कर्मचारी विहीन चल रहा है, जिससे व्यापारियों, अधिवक्ताओं और अकाउंटेंट्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि नोटिसों का जवाब लेने, अपील की सुनवाई करने तथा अन्य कर संबंधी कार्यों के लिए कोई सक्षम अधिकारी उपलब्ध नहीं है। वर्ष की अंतिम तिमाही में लेखा-जोखा एवं कर निर्धारण से जुड़े कार्यों की अधिकता रहती है, ऐसे में अधिकारी न मिलने से कारोबारी वर्ग को आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है। कई बार दूर-दराज से आने वाले व्यापारी बिना काम के ही वापस लौटने को मजबूर हैं। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों द्वारा भी यह कहकर लौटा दिया जाता है कि सभी अधिकारी एसआईआर ड्यूटी में तैनात हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि जीएसटी विभाग राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत है, ऐसे में विभागीय कार्य बाधित होने से राजस्व लक्ष्य भी प्रभावित हो सकते हैं।

इस संबंध में डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन एवं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जीएसटी अधिकारियों की ड्यूटी एसआईआर में न लगाई जाए। यदि ड्यूटी अनिवार्य हो तो समयबद्ध रोस्टर बनाया जाए, ताकि शासकीय कार्य प्रभावित न हों और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस दौरान अधिवक्ताओं एवं व्यापारी प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई तथा कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश वार्ष्णेय (एडवोकेट), सचिव विनोद कुमार अग्रवाल (एडवोकेट), संरक्षक गिरीश चंद्र शर्मा (एडवोकेट), भुवनेश वार्ष्णेय, भरत शर्मा, दुर्गेश चतुर्वेदी, आकाश ठाकुर, रामकुमार शर्मा सहित फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, महामंत्री आकाश वर्मा, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा, पंडित हरेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
















