
अलीगढ/हाथरस 17 फरवरी । अलीगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायालय में बम की सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कोर्ट परिसर खाली करा दिया। इस घटना की जानकारी जैसे ही हाथरस के अधिवक्ताओं को हुई, जिला एवं सत्र न्यायालय हाथरस परिसर में भी सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया। अधिकांश अधिवक्ताओं ने मोबाइल के माध्यम से अलीगढ़ के अपने संपर्की वकीलों से स्थिति की जानकारी ली और हाथरस न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई। डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष दिनेश बंसल और सचिव विनोद शर्मा बंटी ने कहा कि कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर अधिकारियों को जल्दी ही एक ज्ञापन दिया जाएगा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि हाथरस न्यायालय का इतिहास भी गंभीर घटनाओं से जुड़ा रहा है। 21 फरवरी 2008 को दिन-दहाड़े पांच हत्याओं की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इससे पहले हुए एक बम कांड में साइकिल स्टैंड कर्मी सहित दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अतिरिक्त न्यायालय परिसर में आधा दर्जन से अधिक गंभीर घटनाएं और करीब दो दर्जन छोटी घटनाएं सुरक्षा चूक के कारण हो चुकी हैं। एक मामले में आरोपी पर हमला करने आए व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ लिया गया था। सोमवार को अलीगढ़ न्यायालय में बम की सूचना के बाद मची अफरा-तफरी को देखते हुए हाथरस के अधिवक्ताओं ने पुनः पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है। चिंता व्यक्त करने वाले अधिवक्ताओं में डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष दिनेश बंसल, सचिव विनोद शर्मा बंटी के अलावा उमेश गुप्ता, अरविन्द वशिष्ठ, सुनील कांत शर्मा, शैलेश शर्मा, नवदीप पाठक, दिनेश देशमुख, केसी निराला, राजपाल सिंह दिशवार, रजत शर्मा और संजय दीक्षित शामिल रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पहले भी ज्ञापन दे चुके हैं और अब अलीगढ़ की घटना के बाद पुनः अधिकारियों से मिलकर कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग करेंगे।














