
सादाबाद 15 फरवरी । 5 फरवरी को सेना के जवान अखिलेश कुमार की हत्या के मामले में मृतक जवान की बहन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक की बहन का दावा है कि पुलिस की मिलीभगत से मुख्य आरोपियों को एनकाउंटर से बचाने के लिए हरियाणा में गिरफ्तार करवाया गया। बहन के अनुसार, जिस दिन सादाबाद पुलिस ने हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, उसी दिन हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र में मुख्य आरोपी विक्रम और कमलकांत को तमंचा व कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसने इसे पुलिस की मिलीभगत बताया, ताकि आरोपियों का एनकाउंटर न हो सके। मृतक की बहन ने नए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार सिंह पर विश्वास व्यक्त करते हुए सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं कि हाथरस में गैंगस्टर में निरुद्ध आरोपी पिस्तौल और तमंचे के साथ कुरुक्षेत्र कैसे पहुंच गए। आरोपियों ने हाथरस से अलीगढ़, मथुरा, पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और करनाल होते हुए कुरुक्षेत्र तक का सफर तय किया। हाथरस पुलिस की सर्विलांस और इंटेलिजेंस इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय दिखाई दे रही है, जबकि उनकी लोकेशन लगातार मिल रही थी। इस मामले में तत्कालीन सादाबाद एसओ, एक दरोगा और एक सिपाही को पहले ही हटाया जा चुका है। हाथरस के पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि विक्रम और कमलकांत पंडित की गिरफ्तारी की सूचना उन्हें तीन दिन बाद मिली थी। दोनों को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में हरियाणा पुलिस के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। सादाबाद सीओ अमित पाठक ने जानकारी दी कि गिरफ्तारी की सूचना तीन दिन बाद मिलने के बाद अब दोनों आरोपियों के लिए ‘बी’ वारंट तैयार किया जा रहा है। उन्हें हरियाणा की कुरुक्षेत्र जेल से हाथरस लाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
















