हाथरस 15 फरवरी । महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आनंदपुरी स्थित सहज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र द्वारा भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शिव ध्वजारोहण के साथ हुआ।
शोभायात्रा आनंदपुरी से प्रारंभ होकर इंदिरा नगर, चमन विहार, विनोद विहार, साकेत कॉलोनी, लेबर कॉलोनी होते हुए पुनः सहज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, आनंदपुरी कॉलोनी शांति भवन पर संपन्न हुई। मार्ग में दर्जनों स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत-सत्कार किया गया। शोभायात्रा में दो घोड़ों पर क्रमशः भारत माता एवं शिवशक्ति ब्रह्माकुमारी शोभायमान थीं। माताएं कलश लेकर चल रही थीं तथा ब्रह्माकुमारी बहनें हाथों में शिव ध्वज लेकर जयघोष करती हुई आगे बढ़ रही थीं। एक विशाल बग्गी पर श्रीकृष्ण दरबार की आकर्षक झांकी सजाई गई थी। इसके अतिरिक्त 8 फीट ऊंचे शिवलिंग एवं अमरनाथ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शिव और शंकर के भेद को दर्शाती झांकी ने दर्शकों को आध्यात्मिक संदेश दिया। अन्य वाहनों पर भी शिवलिंग की झांकियां शोभायमान रहीं। स्वागत करने वालों में डॉ. भरत, एडवोकेट प्रेम सिंह, भारत फार्मा के श्रीकृष्ण अग्रवाल, इंजीनियर संजय सिंह, कालरा परिवार की ज्योति बहिन, शिव कुमार, कृष्णकांत, प्रेमनाथ, राकेश कुमार, यतेन्द्र आर्य, भगवती देवी, डॉ. पी.पी. सिंह, अनीता बहिन, मोनू भाई, दाऊदयाल अग्रवाल, कमल गुप्ता, सत्यप्रकाश, विद्यादेवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल रहे। शोभायात्रा के पश्चात विनोद विहार कॉलोनी में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डाला गया। रवि चौहान (भट्टा वालों) ने कार्यक्रम में शिरकत कर शिवलिंग पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर बी.के. शांता बहिन ने कहा कि इंसान के चरित्र हनन का कारण अन्न नहीं, बल्कि उसकी बुराइयां हैं। केवल अन्न त्यागने से उपवास पूर्ण नहीं होता, बल्कि मन के काम, क्रोध, छल-कपट जैसे विकारों का त्याग ही सच्चा व्रत है। इगलास केंद्र प्रभारी बी.के. हेमलता दीदी एवं रामपुर की बी.के. मीना बहिन ने भी शिव भक्ति एवं राजयोग ज्ञान की सारगर्भित व्याख्या प्रस्तुत की। कार्यक्रम में हसायन, हाथरस जंक्शन, मडराक, सोनई एवं सासनी केंद्रों की संचालिका बहनें मीना बहिन, नीतू बहिन, दुर्गेश बहिन, श्वेता बहिन, उमा बहिन सहित ब्रह्मावत्स उपस्थित रहे। पूरा आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसने नगरवासियों को शिव भक्ति और आत्मजागृति का संदेश दिया।
















