
हाथरस 14 फरवरी । महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही हाथरस शहर से गुजरने वाले प्रमुख राजमार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठे हैं। गंगा घाटों से कांवड़ में गंगाजल भरकर शिवभक्तों की घर वापसी शुरू हो चुकी है। विशेष रूप से राजस्थान से आने वाले कांवड़ियों के जत्थे शहर से होकर गुजर रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालु भी गंगाजल लाने की तैयारियों में जुटे हैं। गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप और अन्य वाहनों में सामान लेकर भक्त गंगा घाटों की ओर रवाना हो रहे हैं। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ यात्रा प्रारंभ हो रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों में विशेष सजावट की जा रही है। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालु गंगाजल, बिल्व पत्र, धतूरा और दूध अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिले को चार जोन और सात सेक्टरों में बांटा गया है। एसडीएम और सीओ अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। 13 से 16 फरवरी तक विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने मुरसान से हतीसा पुल, तालाब चौराहा और हाथरस जंक्शन तक कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर कांवड़ियों से बातचीत की। शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई। जिले के सात ब्लॉकों में 30 सेवा शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक शिविर पर तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां तीन शिफ्ट में कर्मचारी तैनात हैं।
जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। साइकिल, पैदल और दोपहिया वाहन चालकों को कांवड़ यात्रा से दूरी बनाकर चलने की अपील की गई है। बड़े वाहनों को निर्धारित डायवर्जन मार्ग से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं। भोजन और जलपान स्टॉलों पर साफ-सफाई तथा विश्राम स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आपात स्थिति में 108 (मेडिकल), 102 (एंबुलेंस), 101 (फायर) और 112 (आपात सहायता) पर संपर्क करने की अपील की गई है। कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए पंत चौराहे से हाथरस-कासगंज मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है। मथुरा-बरेली हाईवे और कासगंज मार्ग पर दर्जनों सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां फलाहार, गर्म पानी, दवाइयां, रजाई-गद्दे और विश्राम की व्यवस्था की गई है। समाजसेवी संगठनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सेवा का आह्वान किया है। कांवड़ियों की सेवा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं समाजसेवी संगठन पूरी तरह सक्रिय हैं, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।















