
नई दिल्ली 10 फरवरी । यदि आप 12 फरवरी 2026, गुरुवार को किसी जरूरी काम से बैंक जाने की योजना बना रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। देश की प्रमुख बैंक यूनियनों ने इस दिन देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे खासकर सरकारी बैंकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि यह दिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा घोषित आधिकारिक अवकाश नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर बैंकिंग कार्य बाधित होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को सूचित किया है कि हड़ताल की स्थिति में शाखाओं और कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंक ने कहा है कि सुचारू संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल होने पर नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और काउंटर सेवाओं में देरी हो सकती है। यह हड़ताल ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एंप्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) के नेतृत्व में की जा रही है, जिन्हें 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का समर्थन प्राप्त है। बैंककर्मियों का विरोध मुख्य रूप से सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए श्रम कानूनों के खिलाफ है। यूनियनों का कहना है कि ये कानून श्रमिक विरोधी हैं और ट्रेड यूनियनों के अधिकारों को सीमित करते हैं। इसके साथ ही वे पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की भी मांग कर रहे हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे 12 फरवरी को बैंक शाखाओं में जाने से बचें और नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग करें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। निजी बैंकों पर हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि सरकारी बैंकों में सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

















