
हाथरस 07 फरवरी । हाथरस में यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण संगठनों द्वारा प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन ने रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू होने के कारण किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया को उनके कंचन नगर स्थित आवास पर पहले से ही नजरबंद किया गया था। पदयात्रा में शामिल होने की घोषणा करने वाले अन्य संगठनों के पदाधिकारियों को भी एहतियातन नजरबंद किया गया। सुबह से ही क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसडीएम सदर राजबहादुर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद पंकज धवरिया ने अकेले झंडा लेकर पदयात्रा शुरू करने का प्रयास किया। जैसे ही उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पंकज धवरिया को रोके जाने की सूचना पर निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी हाथरस पहुंचे। उन्होंने पंकज धवरिया के आवास के बाहर जमीन पर बैठकर उनके साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया और धरने में शामिल हुए।
अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार डरी हुई है और उसका कोर वोटर उससे दूर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि यदि आज चुनाव हो जाएं तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी और भाजपा की स्थिति 1984 जैसी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सनातन स्वाभिमान यात्रा जैसी पदयात्राओं को रोका जा रहा है, जबकि दूसरी ओर कथित हिंदू सम्मेलनों को अनुमति दी जा रही है, जिनमें न तो एससी/एसटी एक्ट और न ही यूजीसी बिल जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। पदयात्रा रोके जाने के बाद पंकज धवरिया अपने आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी बिल और एससी/एसटी एक्ट के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है और सरकार के इशारे पर पुलिस ने उनकी पदयात्रा को जबरन रोका है। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया।

















