
हाथरस 05 फरवरी । जिले में बंदरों की बढ़ती समस्या को लेकर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर स्थायी लोक अदालत के पुराने आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस मामले में 17 फरवरी तक आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया है। बताया गया कि शहर निवासी मधुशंकर अग्रवाल ने वर्ष 2022 में बंदरों की समस्या को लेकर स्थायी लोक अदालत में पीएलए वाद दायर किया था। इस वाद में जिलाधिकारी, प्रमुख वन्य जीव संरक्षक लखनऊ, प्रभारी वनाधिकारी हाथरस एवं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पक्षकार बनाया गया था। मामले की सुनवाई के बाद स्थायी लोक अदालत ने 21 मई 2023 को आदेश दिया था कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी याची को साथ लेकर सुरक्षित तरीके से बंदरों को पकड़वाकर किसी संरक्षित स्थान पर छुड़वाएं, जिसमें अन्य विभागों द्वारा सहयोग किया जाए। हालांकि आदेश के बावजूद नगर पालिका द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर आदेश के अनुपालन की स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के इस कदम के बाद अब प्रशासन पर बंदरों की समस्या के समाधान को लेकर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।













