
हाथरस 05 फरवरी । भारतीय वैश्य महासभा द्वारा जनपद में संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन अपना घर आश्रम में इंजीनियर ओमप्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया। बैठक का संचालन चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने किया।।
बैठक में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय (बंटी भैया) तथा विनोद कुमार मित्तल उपस्थित थे। इस अवसर पर संगठन विस्तार करते हुए सुरेश अग्रवाल को जिला प्रभारी, राहुल गुप्ता को जिला सह प्रभारी, तरुण पंकज को शहर प्रभारी एवं योगेश वार्ष्णेय को शहर सह प्रभारी नियुक्त किया गया। साथ ही जिला, शहर, ब्लॉक एवं वार्ड स्तर तक संगठन गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था वैश्य समाज और व्यापारियों पर ही निर्भर है। बावजूद इसके सबसे अधिक शोषण भी इसी वर्ग का हो रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इस पर संगठन पूरा मन बना रहा है। क्या आने वाले विधानसभा चुनाव में वैश्य समाज को कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ाया जाएगा। समाज किसी एक पार्टी का नहीं है।उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को वैश्य समाज की एकता का प्रदर्शन दिखाना होगा, तभी समाज को गंभीरता से लिया जाएगा। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय (बंटी भैया) ने कहा कि वैश्य समाज की असली ताकत उसकी एकता है। समाज के किसी भी व्यक्ति पर यदि कोई संकट आता है तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि महासभा का उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त कर निर्णायक भूमिका में लाना है। बैठक में सुरेंद्र बांठिया, अनिल कुमार वार्ष्णेय (तेल वाले) एवं राकेश बंसल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वैश्य समाज व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सामूहिक हितों के लिए कार्य करे। एकजुट होकर ही समाज को उसका अधिकार और सम्मान मिल सकता है।। बैठक में अनिल अग्रवाल, चंदन दोबरावाल, अर्पित बंसल, ओमप्रकाश वर्मा, शुभम वार्ष्णेय एलानी, मोहित वार्ष्णेय, वासुदेव वार्ष्णेय, रामकुमार अग्रवाल, पवन गुप्ता, वैभव वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग मौजूद थे।अंत में चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने सभी अतिथियों व वैश्य बन्धुओं का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का संकल्प दिलाया।













