
हाथरस 05 फरवरी । आरएसएस के जिला प्रचारक जयकिशोर पर हुए हमले के मामले में कोर्ट से चारों आरोपियों को जमानत मिल गई है। पुलिस द्वारा डकैती और जानलेवा हमले की धाराओं में रिमांड मांगी गई थी, लेकिन अदालत ने इन धाराओं में अपराध होना नहीं पाया। मामले की सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट ने केस डायरी, चिकित्सकीय रिपोर्ट एवं अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी कोई गंभीर चोट परिलक्षित नहीं होती, जिससे यह साबित हो कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था।
आपको बता दें कि एक फरवरी को नवल नगर क्षेत्र में वाहन निकालने को लेकर हुए विवाद में आरएसएस जिला प्रचारक जयकिशोर के साथ मारपीट की गई थी। इस संबंध में संघ के पदाधिकारी अजय कुलश्रेष्ठ द्वारा सतीश उर्फ डब्बू प्रधान, उसके बेटे देव व तरुण तथा राकेश व सचिन के खिलाफ डकैती, जानलेवा हमला और मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के अगले दिन पुलिस ने सतीश, देव, तरुण व सचिन को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए गंभीर धाराओं में रिमांड प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह विवाद अचानक उत्पन्न हुआ था और इसमें डकैती की मंशा परिलक्षित नहीं होती। अदालत ने यह भी कहा कि डकैती के लिए न्यूनतम पांच आरोपियों का होना आवश्यक है, जबकि पीड़ित के बयानों में केवल चार लोगों का उल्लेख है। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने डकैती और जानलेवा हमले की धाराएं समाप्त कर दी थीं। इसके बाद मंगलवार को हुई सुनवाई में चारों आरोपियों को जमानत दे दी गई।













