Hamara Hathras

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हाथरस 05 फरवरी । मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत आपत्तियां एवं नोटिस का जवाब देने के लिए मतदाताओं को बूथों पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ रहा है, जिससे विशेषकर कामकाजी मतदाताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबी प्रक्रिया और दस्तावेजों की अधिक मांग के कारण बूथों पर घंटों का समय लग रहा है। इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी के हाथरस ब्लॉक प्रभारी राजेश नागर एवं सासनी ब्लॉक प्रभारी रामनारायण काके ने हाथरस विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर नोटिस के जवाब हेतु बनाए गए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तथा सासनी क्षेत्र के अन्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पड़ताल की। इस दौरान उन्होंने केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सपा नेताओं ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं मिले। कर्मचारियों एवं संबंधित अधिकारियों की जानकारी लेने पर भी संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सपा नेताओं का आरोप है कि भेदभावपूर्ण रवैये के चलते एसआईआर नोटिस लेकर पहुंचे मतदाताओं को वापस किया जा रहा है, जबकि उनके कागजात पूरे हैं। इससे आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। सपा नेताओं ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि जिलाधिकारी एवं एसडीएम सदर को तत्काल इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, ताकि किसी भी मतदाता के साथ भेदभाव न हो और प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान विधानसभा हाथरस अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सेंगर, शहर अध्यक्ष चिंकू शर्मा, जिला सचिव भूपेंद्र उपाध्याय, अल्पसंख्यक सभा जिला अध्यक्ष हाजी नवाब हसन, उपाध्यक्ष अकील कुरैशी, सहवाग खान, अजय कर्णावत सहित अन्य सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आंकड़ों में एसआईआर की स्थिति

हाथरस जनपद में वर्ष 2022 की मतदाता सूची में कुल 11,63,525 मतदाता दर्ज थे। एसआईआर के बाद जारी अनंतिम सूची में यह संख्या घटकर 9,73,909 रह गई है। इस दौरान 1,89,616 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 1,22,352 मतदाता ऐसे हैं जिनका वर्ष 2003 की सूची से मिलान नहीं हो पाया। ये मतदाता अपने दावे व आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। व्यावहारिक समस्या यह है कि इनमें से हजारों मतदाता ऐसे हैं, जो 2003 के बाद बालिग हुए और लगातार मतदान करते रहे, फिर भी उनके नाम अनंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए। नोटिस मिलने के बाद उन्हें बूथों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ-साथ कई मामलों में महिलाओं से माता-पिता के दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं। इसके बाद फोटो खींचकर पोर्टल पर विवरण अपडेट किया जा रहा है, जिसमें घंटों का समय लग रहा है।

27 फरवरी तक चलेगी सुनवाई

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अब्दुल खालिक ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 27 फरवरी तक चलेगी। 6 जनवरी से ईआरओ द्वारा नोटिस जारी किए गए थे। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च को किया जाएगा। 2003 की सूची से मैपिंग न होने पर निर्धारित 13 दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज की मांग की जा रही है।

ऑनलाइन भी दर्ज कर सकते हैं आपत्ति

मतदाता अपनी आपत्तियां ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in पर जाकर अपना वोटर कार्ड नंबर डालकर लॉगिन करना होगा।

एसआईआर अभियान एक नजर में

  • वर्ष 2022 की सूची में कुल मतदाता : 11,63,525

  • एसआईआर के बाद अनंतिम सूची : 9,73,909

  • मिलान में सही पाए गए मतदाता : 8,51,438

  • 2003 की सूची से नहीं मिलने वाले : 1,22,352

  • मृतक/डुप्लीकेट/अन्य कारणों से हटे : 1,89,616

  • पुरुष मतदाता : 5,35,581

  • महिला मतदाता : 4,38,308

  • अन्य : 20

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