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हाथरस 03 फरवरी । मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजनान्तर्गत समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में समस्त जिला समन्वयक/शाखा प्रबंधकों के साथ करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बैंकों द्वारा निरस्त किए गए आवेदनों के सत्यापन हेतु टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना उत्तर प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना है। योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (डैडम्) को गति प्रदान कर उद्योगों को प्रोत्साहित करना तथा अधिक से अधिक रोजगार सृजन करना है। इस योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का ऋण जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से बैंकों द्वारा वितरित किया जाएगा। योजना में मुख्य रूप से 10 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो व्याज मुक्त है।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त उद्योग द्वारा अवगत कराया गया कि कुल 2457 आवेदन बैंकों को प्रेषित किए गए हैं, जिनमें से 893 आवेदन स्वीकृत, 267 आवेदन बैंक स्तर पर लंबित, 829 आवेदनों में ऋण वितरण किया जा चुका है तथा 1297 आवेदन निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बैंकों द्वारा निरस्त किए गए आवेदनों के सत्यापन हेतु तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन में यदि यह पाया जाता है कि किसी आवेदन को गलत तरीके से निरस्त किया गया है, तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना शासन की शीर्ष प्राथमिकता में सम्मिलित है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केनरा बैंक में कुल आवेदन 523 के सापेक्ष 65 आवेदन लम्बित है। बैंक ऑफ बड़ौदा में 184 आवेदनों के सापेक्ष 26 आवेदन लम्बित हैं। ग्रामीण बैंक में कुल 344 आवेदनों के सापेक्ष 16 आवेदन लम्बित, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में कुल 583 आवेदनों के सापेक्ष 84 आवेदन लम्बित हैं। कैनरा बैंक में 287, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में 319, पंजाब नेशनल बैंक में 145, ग्रामीण बैंक में 150, बैंक ऑफ बड़ौदा में 79, एक्सिस बैंक में 17 तथा यूनियन बैंक में 24 आवेदनों को निरस्त किया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने उन्होंने उपायुक्त उद्योग तथा लीड बैंक मैनेजर को निरस्त किये गये आवेदनों की जांच कराते हुए कारण सहित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिन बैंकों द्वारा योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए। समस्त बैंको के उपस्थित प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि योजना के क्रियान्वय में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, लीड बैंक मैनेजर, उपायुक्त उद्योग सहित संबंधित बैंक प्रबंधक आदि उपस्थित रहे।

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