
हाथरस 30 जनवरी । ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के क्रम में महिला संबंधी अपराधों में दोषियों को त्वरित एवं कठोर दंड दिलाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय हाथरस द्वारा थाना हसायन क्षेत्र से संबंधित दुष्कर्म के एक मामले में अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। प्रकरण के अनुसार वादिया द्वारा दिनांक 01 मई 2024 को सूचना दी गई कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ गाँव के विशाल पुत्र प्रेमवीर सिंह ने अपने मित्र विनोद की सहायता से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। उक्त सूचना के आधार पर थाना सहपऊ पर मु0अ0सं0 124/2024 धारा 376एबी/120बी भादवि एवं 5m/6 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस द्वारा त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए पीड़िता के धारा 161 व 164 सीआरपीसी के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त विशाल के विरुद्ध धारा 376एबी भादवि एवं 5/6 पोक्सो एक्ट, जबकि अभियुक्त विनोद के विरुद्ध धारा 120बी/506 भादवि एवं 16/17 पोक्सो एक्ट सिद्ध पाया गया। विवेचना पूर्ण कर दिनांक 29.06.2024 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया।
महिला संबंधी अपराधों में दोषियों को अधिकतम दंड दिलाने हेतु शासन के निर्देशों के क्रम में एवं ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निकट पर्यवेक्षण में मॉनिटरिंग सेल द्वारा अभियोग की निरंतर समीक्षा की गई तथा अभियोजन शाखा द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। परिणामस्वरूप आज एडीजे/पोक्सो-I, हाथरस द्वारा अभियुक्त विशाल को धारा 6 पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया, जबकि अभियुक्त विनोद को दोषमुक्त कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि महिला एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।

















