
हाथरस 30 जनवरी । आज तहसील हाथरस के ग्राम नगला भूस स्थित वृद्धा आश्रम का निरीक्षण किया गया तथा वहीं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनु चौधरी द्वारा की गई। निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधीक्षिका कोमल सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय आश्रम में 62 वृद्धजन निवासरत पाए गए। उनके रहने, खाने-पीने एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन करने पर यह पाया गया कि वृद्धों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएँ पर्याप्त एवं संतोषजनक हैं। विधिक साक्षरता शिविर के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित वृद्धजनों को उनके अधिकारों एवं भरण-पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की आयु 60 वर्ष से अधिक है, तो रेल एवं बसों में उनके लिए आरक्षित सीट की व्यवस्था होती है तथा किराए में भी छूट प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से लाइन की सुविधा होती है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। भरण-पोषण के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में वरिष्ठ नागरिकों एवं माता-पिता के भरण-पोषण से संबंधित अधिनियम लागू किया गया है। इसके अंतर्गत अनदेखी के शिकार माता-पिता एवं सन्तानहीन वरिष्ठ नागरिक न्यायाधिकरण के समक्ष याचिका दायर कर सकते हैं, जिस पर 90 दिनों के भीतर राहत दिलाए जाने का प्रावधान है। न्यायाधिकरण प्रकरण को मध्यस्थता के लिए भेज सकता है अथवा स्वयं निर्णय कर सकता है तथा भरण-पोषण हेतु 10,000 रुपये प्रतिमाह तक का आदेश देने का अधिकार रखता है। इसके साथ ही सचिव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में न्याय से वंचित न रहे, यही प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य है। पात्र व्यक्तियों द्वारा प्रार्थना पत्र दिए जाने पर जांच के उपरांत निःशुल्क विधिक सहायता एवं अधिवक्ता परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी अधीक्षिका कोमल सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिविर में दी गई जानकारियों का उपयोग कर वृद्धजन अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आगे बढ़ें।
















