
हाथरस 29 जनवरी । कल 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में लीयरजेट- 45 विमान विमान क्रैश होने एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित पांच लोगों के मारे जाने और इसरो द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए रॉकेट मिशन के फेल हो जाने से पूरा देश स्तब्ध है। देश की जनता के मन में विमान यात्राओं के संबंध में भय का वातावरण बन गया है। ऐसा नहीं है की 2026 में बारामती की प्लेन क्रैश की घटना अकेली हो। इसके अलावा विश्व में जनवरी 2026 में आधा दर्जन से अधिक विमान दुर्घटनाएं हो चुकी है। अंतरिक्ष में एक रॉकेट मिशन भी फेल हो चुका है। 10 जनवरी को इंडोनेशिया में PA- 31 विमान क्रैश हो गया। 10 जनवरी को ही एयर इंडिया का विमान 208 – B भुवनेश्वर से राउरकेला जाते समय विमान में खराबी आने के कारण खेत में क्रैश लैंडिंग कराई गई। 12 जनवरी को इसरो द्वारा अंतरिक्ष मिशन पर भेजा गया रॉकेट PSLV-C62 अपने मार्ग से भटक जाने पर मिशन फेल हो गया। 17 जनवरी को इंडोनेशिया में ATR 42 – 500 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 20 जनवरी को जापान के माउंट आसो में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। 25 जनवरी को अमेरिका के बेंगोर में 6501 विमान क्रैश हुआ। 27 जनवरी को इंडोनेशिया का विमान की पानी में क्रैश लैंडिंग कराई गई। 28 जनवरी को स्टेना एयरवेज का विमान 8895 कोलंबिया में क्रैश हुआ। ज्योतिष जगत में इसके पीछे ग्रहों का अतिचारी बताया जा रहा है। श्री कार्तवीर्य नक्षत्र ज्योतिष संस्थान संस्थापक आचार्य विनोद शास्त्री का इस संबंध में विश्लेषण है कि देवगुरु बृहस्पति 8 वर्ष के लिए अतिचारी है। यह विश्व के लिए बहुत सारे जीवों के लिए नुकसानदेह है। वही 23 नवंबर 2025 से राहु के शतभिषा नक्षत्र में आने के कारण राहु अत्यंत बलवान हो गया है। इसकी दृष्टि देवगुरु बृहस्पति पर है और देवगुरु की बृहस्पति की वक्र दृष्टि राहु पर होने के कारण संपूर्ण विश्व में अंतरिक्ष तथा वायु मार्ग में अत्यधिक दुर्घटनाएं 2026 में होने की संभावना है। राहु शतभिषा नक्षत्र में 1 अगस्त 2026 तक रहेंगे तथा एक अगस्त 2026 तक विमान दुर्घटनाएं एवं अंतरिक्ष दुर्घटनाएं तथा वायु में युद्ध की संभावनाएं सर्वाधिक रहेंगी। किसी मिसाइल की दुर्घटना अथवा उसके मार्ग भटक जाने पर होने वाली दुर्घटना तथा रेल दुर्घटनाएं की भी संभावित हैं। राहु वायु कारक ग्रह है, जिसकी दृष्टि बृहस्पति पर होने के कारण सोने चांदी में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी होने के संकेत मिलते हैं। दिसंबर 2026 तक धातुओं की की दरों में लगभग दोगुना अथवा इससे भी अधिक वृद्धि होने के संभावना है। एक अगस्त 2026 तक वायु मार्ग से अनावश्यक यात्रा करने से आमजन को बचना चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टि से वर्तमान वर्ष को दुर्भाग्य से दुर्घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है।














