
हाथरस 29 जनवरी । कभी-कभी किसी की छोटी-सी सहायता किसी के पूरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी बन जाती है। ऐसा ही एक भावुक एवं प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब निःस्वार्थ सेवा संस्थान ने एक जरूरतमंद बिटिया के विवाह में कन्यादान कर उसके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवाह जैसे पावन अवसर पर जब संसाधनों की कमी किसी परिवार को भीतर से तोड़ देती है, ऐसे समय में निःस्वार्थ सेवा संस्थान एक सच्चे परिवार की तरह आगे आया। संस्थान की इस मानवीय पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि कर्म में उतरने का नाम है। संस्थान परिवार की ओर से बिटिया के विवाह हेतु आवश्यक गृहस्थी एवं श्रृंगार का संपूर्ण सामान कन्यादान स्वरूप प्रदान किया गया। इसमें 5 साड़ियाँ, 2 आर्टिफिशियल ज्वैलरी सेट, 1 आर्टिफिशियल अंगूठी, 2 जोड़ी स्लीपर शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त गृहस्थ जीवन के लिए मिक्सी, प्रेस, टी-कैटल, कुकर, डाइनिंग सेट, डिनर सेट, 6 पीस बोतल सेट, टी-शुगर सेट, 3 पीस कैसरोल सेट, मिल्टन बोतल, 12 लीटर का वाटर कूलर, एक पंखा एवं बाथरूम सेट भी प्रदान किया गया।
जब यह समस्त सामग्री बिटिया एवं उसके परिवार को सौंपी गई, तो उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। भावुक होते हुए बिटिया के पिता ने कहा कि संस्थान ने जो किया है, उसका ऋण हम कभी नहीं चुका पाएंगे। आज हमारी बेटी अकेली नहीं है, पूरा समाज उसके साथ खड़ा है। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि कन्यादान केवल माता-पिता का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान बिटिया एवं उसके परिवारजनों को निःस्वार्थ सेवा संस्थान का प्रतीक-चिह्न भेंट कर तथा पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर परिवारजनों ने संस्थान के सदस्यों को गले लगाकर धन्यवाद दिया एवं उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। निःस्वार्थ सेवा संस्थान लंबे समय से जरूरतमंद परिवारों की सहायता, कन्यादान, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्थान के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्थान ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी वह ऐसी बेटियों का सहारा बनकर उनके जीवन को नई दिशा देता रहेगा। इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, समन्वयक चंद्र प्रकाश अग्रवाल, सह-सचिव निश्कर्ष गर्ग, सतेंद्र मोहन, विशाल सोनी, सुनील कुमार सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।














