
हाथरस 27 जनवरी । जिला पंचायत अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी की पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया प्रावधानों/प्रस्तावों को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने सवर्ण समाज के शिक्षित युवाओं और शिक्षकों की चिंताओं को उजागर किया है। सीमा उपाध्याय ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सामाजिक समरसता, शिक्षा में सुधार और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। साथ ही उन्होंने यूजीसी से जुड़े हालिया प्रावधानों पर चल रही चर्चा की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उपाध्याय ने कहा कि विशेष रूप से सवर्ण समाज के शिक्षित युवाओं और शिक्षकों के बीच योग्यता, अनुभव और परिश्रम के उचित मूल्यांकन को लेकर आशंकाएं उभर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह निवेदन अनुसूचित जाति, जनजाति या पिछड़े वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि ये वर्ग समाज का अभिन्न अंग हैं और उनके उत्थान के प्रयास सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने एक संतुलित शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें सभी वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर और सम्मान मिल सके। सीमा उपाध्याय ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि UGC से जुड़े प्रावधानों पर पुनः व्यापक विमर्श किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी वर्गों सवर्ण, पिछड़ा, अनुसूचित जाति और जनजाति की भावनाओं, अपेक्षाओं और शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित मार्ग निकाला जाए, जिससे सामाजिक सौहार्द और शिक्षा व्यवस्था दोनों सशक्त हों। उपाध्याय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में ऐसा समाधान अवश्य निकलेगा, जो “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना को और मजबूत करेगा।

















