
हाथरस 26 जनवरी । 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज प्रातः 8:30 बजे जनपद न्यायालय परिसर हाथरस में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरान्त गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठन किया गया, जिसे समस्त न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं द्वारा अक्षरशः दोहराया गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार ने कहा कि 26 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिन वर्ष 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ, जिससे भारत एक पूर्ण गणतंत्र राष्ट्र बना। उन्होंने कहा कि भारत को स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को प्राप्त हुई, लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद ही देश में विधि का शासन स्थापित हुआ। जनपद न्यायाधीश ने बताया कि भारतीय संविधान को संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था तथा इसे 26 जनवरी 1950 को लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के साथ पूर्ण रूप से लागू किया गया। संविधान की प्रस्तावना में ही उसके मूल तत्व—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता—निहित हैं। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में रहना हम सभी के लिए गर्व की बात है। गणतंत्र दिवस हमें संविधान निर्माताओं के आदर्शों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को स्मरण करने का अवसर देता है। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे संविधान का पूर्ण निष्ठा से पालन करेंगे तथा उसकी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

















