
हाथरस 25 जनवरी । थाना साइबर क्राइम पुलिस ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) या एडिटिंग ऐप के माध्यम से महिलाओं की फर्जी आवाज बनाकर, फर्जी फोटो-वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध रूप से पैसे मांगने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 8 अक्टूबर 2024 को वादी सुखबीर सिंह के पुत्र के फोन पर कॉल आया कि उनके पुत्र ने कर्ज लिया है। जब पुत्र ने कॉल करने वालों से सत्यता पूछी तो उन्होंने धमकी दी और बताया कि यदि शिकायत की तो उनके फर्जी वीडियो/फोटो वायरल कर देंगे। बाद में वादी के पुत्र को इसी ब्लैकमेल के जरिए पैसे भी देने पड़े। 9 अक्टूबर 2025 को वादी के पुत्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके बाद वादी के फोन पर लगातार मैसेज और कॉल आने लगे। आरोपियों द्वारा वादी के पुत्र को फर्जी अश्लील फोटो-वीडियो भेजे गए और वायरल करने की धमकी देकर मानसिक एवं आर्थिक रूप से ब्लैकमेल किया गया। वादी की शिकायत के आधार पर थाना हाथरस गेट में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस एवं क्षेत्राधिकारी नगर के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम को आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस ने खातों में गए पैसे के बैंक विवरणों की जांच कर तकनीकी इंटेलिजेंस व ग्राउंड सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए कल शनिवार 24 जनवरी को कैन्टोनमेंट हॉस्पिटल छावड़ी, महाराष्ट्र से दो अभियुक्तों रोहन बिहारीलाल सोनवणे निवासी जिला छत्रपति संभाजी नगर (महाराष्ट्र) एवं करन राजेन्द्र चिन्दालिया, निवासी जिला संभाजी नगर (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान करन राजेन्द्र चिन्दालिया और रोहन बिहारीलाल सोनवणे के रूप में हुई। पूछताछ में अभियुक्त करन राजेन्द्र चिन्दालिया ने स्वीकार किया कि वह और उसका साथी रोहन बिहारीलाल सोनवणे मिलकर ऑनलाइन व्हाट्सएप पर लोगों को मैसेज करते हैं और AI के माध्यम से फर्जी मोबाइल नंबर जनरेट कर कॉल करते हैं। वे AI की मदद से फर्जी लड़की बनकर लोगों से बात कर विश्वास जीतते हैं और फिर अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। उन्होंने बताया कि वादी सुखबीर सिंह के पुत्र से उन्होंने 20,000 रुपये वसूल किए थे, जिसमें से 7,000 रुपये उसका हिस्सा और 7,000 रुपये रोहन का हिस्सा था, जबकि शेष 6,000 रुपये रोहन ने अन्य साथियों को देने के लिए कहा था। अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 108, 351(2), 318/61(2) BNS, 66D, 67 IT Act के तहत कानूनी कार्यवाही की गई है।












