
हाथरस 24 जनवरी । आज आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपाभवन के सभागार में ब्रज कला केन्द्र द्वारा उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परम प्रभु हनुमान जी महाराज के हनुमान चालीसा के पाठ, प्रसादी एवं आरती से हुआ। वक्ताओं ने बताया कि संयुक्त प्रांत को उत्तर प्रदेश का दर्जा संविधान लागू होने से दो दिन पूर्व प्राप्त हुआ था और तब से उत्तर प्रदेश देश की सर्वाधिक जनसंख्या वाला प्रदेश होते हुए भी ज्ञान, विज्ञान, कृषि, व्यापार, उद्योग, खेल एवं परिवहन जैसे प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता रहा है। मुख्य वक्ता पंडित संतोष राम मुखियाजी ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है; यह भूमि ऋषि-मुनियों, संतों, वीरों और महापुरुषों की तपस्या से पावन रही है और इसकी सांस्कृतिक चेतना देश को दिशा देने का कार्य करती आई है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपनी विरासत को समझते हुए समरसता और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें। कार्यक्रम में जमुना प्रसाद शर्मा, श्याम बाबू चिंतन, डॉ. विनोद पाठक, वीना गुप्ता एडवोकेट, हरीशंकर वर्मा, अविनाश पचौरी, जयशंकर पारासर, रिशि कौशिक आदि उपस्थित रहे। संस्था के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की शक्ति उसकी विविधता और एकता में निहित है और स्थापना दिवस हमें प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्प लेने का अवसर देता है; उन्होंने काव्य पाठ के माध्यम से भी संस्कृति, सेवा और संवेदनशीलता को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव आशु कवि अनिल बौहरे ने किया और अध्यक्षीय उद्बोधन दिलीप पोद्दार (अध्यक्ष अपना घर) द्वारा दिया गया, जबकि व्यवस्था की जिम्मेदारी कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय एवं पीयूष अग्निहोत्री ने निभाई।
















