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हाथरस 23 जनवरी । आज दून पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विद्यालय प्रधानाचार्य जे० के० अग्रवाल के प्रेरणादायी एवं दूरदर्शी नेतृत्व में “बसंत पंचमी महोत्सव” अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष प्रधानाचार्य एवं विद्यालय के समस्त कोऑर्डिनेटरों द्वारा विद्यार्थियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत हवन यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियाँ अर्पित कीं। मंत्रों की गूंज और यज्ञ की पवित्र अग्नि ने विद्यालय परिसर को शुद्ध, शांत एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

इस पावन अवसर पर अपने प्रेरणास्पद संबोधन में प्रधानाचार्य ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, विवेक, संस्कार और सृजनात्मकता का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती के अमर वचन “वेदों की ओर लौटो” का उल्लेख करते हुए कहा कि“हमारी सांस्कृतिक जड़ें वेदों में निहित हैं। जब तक हम अपने प्राचीन ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े रहेंगे, तभी सशक्त और चरित्रवान समाज का निर्माण संभव है।” उन्होंने समस्त विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और वैदिक ज्ञान को अपने जीवन में आत्मसात करें, जिससे वे न केवल सफल नागरिक बनें बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दें। अंत में मां सरस्वती से सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि की कामना की गई। बसंत पंचमी महोत्सव का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव रहा, बल्कि उनके भीतर भारतीय परंपराओं के प्रति श्रद्धा और गर्व की भावना को भी सुदृढ़ कर गया।

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