सादाबाद 22 जनवरी । वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्राचीन प्रतिमाओं को तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में पाल एवं धनगर समाज ने एसडीएम मनीष चौधरी को ज्ञापन सौंपा है। समाज ने इसे अत्यंत निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रतिमाओं की पुनः स्थापना की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि मणिकर्णिका घाट का निर्माण स्वयं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने वर्ष 1771 में कराया था। यह स्थल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है। अहिल्याबाई होल्कर को नारी शक्ति, साहस, वीरता और न्याय की प्रतीक माना जाता है। पाल एवं धनगर समाज ने इस कृत्य को गंभीर प्रशासनिक चूक और संवेदनहीनता का परिचायक बताया है। समाज ने वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री से मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनकी मांग है कि दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, समाज ने प्रतिमाओं की सुरक्षित संरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और समयबद्ध तरीके से उनकी पुनः स्थापना करने की भी मांग की है। समाज का कहना है कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। यह केवल एक मूर्ति का प्रश्न नहीं, बल्कि उनकी ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक जिम्मेदारी का विषय है।

















