Hamara Hathras

Latest News

सिकंदराराऊ (हसायन) 22 जनवरी । विकासखंड क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्रामीण इलाकों में भारत सरकार के मिशन अन्वेषण एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा हाइड्रोकार्बन संसाधनों (तेल एवं गैस) की खोज को लेकर भूकंपीय सर्वेक्षण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत सर्वेक्षण टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग तीन किलोमीटर के अंतराल पर विभिन्न स्थानों पर बोरिंग एवं खुदाई कर जमीन के अंदर मौजूद तेल, डीजल, पेट्रोल एवं गैस की संभावनाओं की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। यह सर्वे कार्य ऑयल इंडिया/अल्फाजीओ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो मिशन अन्वेषण कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा–पंजाब बेसिन सहित देश के सात प्रमुख तलछटी बेसिनों में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज कर रही है। उपजिलाधिकारी सिकंदराराऊ संजय सिंह के कार्यालय से तहसील प्रशासन को जारी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि अल्फाजीओ इंडिया लिमिटेड द्वारा किए जा रहे टू-डी भूकंपीय सर्वेक्षण कार्य में क्षेत्रीय राजस्व विभाग के लेखपाल स्तर के कर्मचारियों को सहयोग एवं समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सर्वेक्षण कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। सर्वेक्षण का कार्य तहसील क्षेत्र के जरेरा, बपंडई, बाड़ी, शीतलवाड़ा, धुबई सहित अन्य ग्राम पंचायतों के बाहरी क्षेत्रों में ऊसर भूमि, कच्चे पगडंडी मार्ग, डगरा मार्ग एवं खेतों के किनारों पर किया जा रहा है। सर्वेयर टीम के सदस्य विप्लव कुमार मंडल (कोलकाता) ने बताया कि आधुनिक कंप्यूटर एवं इलेक्ट्रॉनिक मशीनों की सहायता से लगभग 170 फीट की गहराई तक सवा इंच गोलाकार बोरिंग कर जमीन के अंदर मौजूद हाइड्रोकार्बन संसाधनों की जांच की जा रही है। सर्वे के दौरान खेतों एवं खुले स्थानों पर लाल, हरे एवं पीले रंग की झंडियां लगाकर नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। वहीं सर्वेक्षण कार्य के सुपरवाइजर संतोष कुमार ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशन में भूतत्व एवं खनिकर्म आधारित इस सर्वेक्षण के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर क्रू-रोल सर्वे कर आवश्यक डेटा एकत्र किया जा रहा है। सर्वे से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से संचालित यह अभियान क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की संभावित खोज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page