सिकंदराराऊ (हसायन) 22 जनवरी । हसायन के एक शिक्षण संस्थान में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशन में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सकारात्मक, सुरक्षित एवं सहयोगी शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने हेतु सक्षम बनाना था। इस अवसर पर मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में अनुष्का मोना मित्तल (आगरा) एवं अरुण अग्रवाल (टूंडला) ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता, तनाव एवं चिंता के कारण, भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास निर्माण तथा कक्षा में सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदलते सामाजिक परिवेश और बढ़ते शैक्षणिक दबाव के कारण विद्यार्थियों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है, जिसे समझना और समय रहते समाधान करना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में हाथरस, फरीदाबाद एवं दिल्ली से पंजीकृत शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्रों के दौरान संवादात्मक प्रस्तुतियों, समूह चर्चाओं, गतिविधियों एवं वास्तविक अनुभवों के माध्यम से शिक्षकों को व्यवहारिक रणनीतियाँ सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों को पहचानकर उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान कर सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है।
कार्यक्रम में शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य एवं सीबीएसई उप जिला प्रशिक्षण समन्वयक दीपक सेंगर ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों का मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी एवं संतुलित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस विषय को प्राथमिकता देने के लिए सीबीएसई की सराहना की। वहीं सुभाष यादव ने कहा कि शिक्षण संस्थान शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के मानसिक, नैतिक एवं सामाजिक विकास को समान महत्व देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के पेशेवर कौशल में वृद्धि के साथ-साथ विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के अंत में संजना सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण एवं उत्साह के साथ हुआ।

















