
नई दिल्ली 19 जनवरी । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पार्टी ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि नितिन नवीन निर्विरोध भाजपा अध्यक्ष चुने गए हैं। भाजपा के संगठन पर्व के अंतर्गत 36 में से 30 राज्यों में संगठनात्मक चुनावों के बाद नामांकन, जांच और वापसी की संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया पूरी हुई। भाजपा संगठन पर्व के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच के बाद सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार वैध पाए गए और नामांकन वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद केवल एक ही नाम नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित हुआ, इसलिए उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। उनके नामांकन का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मोदी-शाह सहित शीर्ष नेतृत्व का समर्थन होने के कारण नवीन को भाजपा का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है।
बिहार के अनुभवी संगठनकर्ता नितिन नवीन पांच बार बांकीपुर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं और दिसंबर 2025 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा होता है, जिसमें कम से कम 20 निर्वाचक मंडल सदस्य किसी उम्मीदवार का प्रस्ताव रख सकते हैं, उम्मीदवार का पार्टी में कम से कम चार कार्यकाल सक्रिय सदस्यता और 15 साल से अधिक सदस्यता होनी चाहिए, और प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना जरूरी है। भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन कल सुबह 11:30 बजे औपचारिक रूप से शपथ लेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
रक्षा मंत्री और गृह मंत्री शाह समेत कई दिग्गज रहे मौजूद
इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपना समर्थन पत्र सौंपा। रिपोर्ट्स के मुताबिक नवीन के नामांकन का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने किया है।भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी नवीन के नामांकन के समय मौजूद रहे।
पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी
नबीन ऐसे समय अध्यक्ष बन रहे हैं जब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु,पुडुचेरी, केरल और असम में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इनमें से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां बीजेपी आज तक सरकार नहीं बना पाई है. वहीं बीजेपी के सामने असम में तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है. ये चुनावी राज्य बीजेपी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, इसे इस तरह समझ सकते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी पिछले साल जुलाई से अब तक पश्चिम बंगाल का चार बार, असम का तीन और तमिलनाड का दो बार दौरा कर चुके हैं. असम में बीजेपी को कांग्रेस से तगड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. उसने बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए आठ दलों का गठबंधन बनाया है. बीजेपी ने असम में 126 सीटों वाली विधानसभा में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है.वहीं अगर पश्चिम बंगाल की बात करें तो राज्य में पिछले तीन बार से ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की सरकार है. अगर इस तृणमूल फिर जीत जाती है तो ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी. लगातार चार बार सीएम बनने वाली वो देश की पहली नेता होंगी.
बीजेपी में ऐसे बनते हैं नेशनल प्रेसीडेंट
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी की ओर से की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं। पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान होगा और उसी दिन भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

















