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सिकंदराराऊ (हसायन) 18 जनवरी । शीतकालीन मौसम के बीच सिकंदराराऊ क्षेत्र के कस्बा व देहात इलाकों में संचालित इत्र उद्योगों में खस (खसखस) इत्र तैयार करने के लिए प्रयुक्त की जाने वाली वन विभाग की सुगंधित वन उपज घास गाडर की जड़ की चोरी-छिपे ढुलाई का मामला सामने आया है। रविवार को वन विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों ने चार पहिया और छह पहिया वाहनों में बिना अनुमति लाई जा रही गाडर घास की जड़ों से भरे कई वाहनों को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, वन विभाग की सुगंधित वन उपज घासनुमा गाडर की जड़ को इत्र कारोबारियों द्वारा काली पॉलीथिन में ढककर कस्बा एवं देहात क्षेत्र के इत्र कारखानों तक पहुंचाया जा रहा था। सिकंदराराऊ रेंज एवं वन चेतना केंद्र जाऊ नहर क्षेत्र में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों ने रविवार को गडोला मार्ग स्थित मुख्य बाजार क्षेत्र के मोहल्ला कोलियान खुर्द–कुरैशियान के निकट इत्र कारखानों की ओर जा रहे वाहनों को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहनों में काली पॉलीथिन हटाने पर वन विभाग की सुगंधित वन उपज गाडर घास की जड़ बरामद हुई, जिसे बिना अनुमति लाया जा रहा था। कुछ वाहनों को मोहल्ला कुरैशियान स्थित चर्च मार्केट के पास एक स्क्रैप व्यापारी के प्रतिष्ठान के निकट रोका गया। वाहनों के पकड़े जाने से इत्र कारोबारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मौके पर कुछ इत्र कारोबार से जुड़े लोगों ने रसीद कटवाने की बात कही और कुछ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने पकड़े गए वाहनों को बिना कोई कठोर कार्रवाई किए छोड़ दिया। इसको लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, वन विभाग द्वारा इससे पहले भी गाडर घास की जड़ की अवैध ढुलाई के मामलों में चार वाहनों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। इस संबंध में वन विभाग के वन उपनिरीक्षक (वन दरोगा) अलीहसन ने बताया कि रविवार को एक वाहन को पकड़ा गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों के कहने पर जुर्माना कराए जाने की बात सामने आने के बाद वाहन को छोड़ दिया गया। वन विभाग द्वारा अब अवैध रूप से सुगंधित वन उपज की ढुलाई और उससे इत्र निर्माण के मामलों पर नजर बनाए रखने की बात कही जा रही है।

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