
हाथरस/चंदौली 17 जनवरी । चंदौली में आज एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य न्यायाधीशों की मौजूदगी में 286 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एकीकृत जिला न्यायालय भवन का शिलान्यास हुआ। इस मौके पर सीएम योगी ने बताया कि यह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स 1500 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित किया जाएगा और अप्रैल 2027 तक पूरा हो जाएगा। हाथरस के लिए यह विशेष महत्व रखता है, क्योंकि हाथरस सहित उत्तर प्रदेश के 10 जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में हाथरस में न्यायिक कार्य अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जिससे वादकारियों और अधिवक्ताओं को समय व संसाधनों की समस्या का सामना करना पड़ता है। इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के बन जाने से हाथरस में भी सभी न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के चैंबर, वादकारियों के बैठने की व्यवस्था, कैंटीन, पार्किंग, फूड कोर्ट और जजों के आवास एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे। इससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और आम नागरिकों को न्याय तक पहुँचने में सुविधा होगी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बनने वाला एकीकृत कोर्ट परिसर देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार न्यायपालिका को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण एल एंड टी द्वारा कराया जाएगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। हाथरस के लिए यह परियोजना न्यायिक ढांचे में नए युग की शुरुआत माने जा रही है, जिससे वादकारियों को सुगम, पारदर्शी और तेज न्याय मिल सकेगा।
















