
हाथरस 17 जनवरी । सरकारी क्रय केंद्र बंद होने के बाद किसान अपने बाजरा को मजबूरी में मंडी के आढ़तियों को बेचने को मजबूर हैं। शासन ने जिले में बाजरा की खरीद के लिए सात क्रय केंद्र 31 दिसंबर तक चलाए थे, लेकिन भीड़ बढ़ने और बिचौलियों के दबदबे के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा और कई किसान समर्थन मूल्य पर बाजरा बेचने से वंचित रह गए। अब क्रय केंद्र पूरी तरह बंद होने के कारण किसानों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है और मंडी में बाजरा का भाव समर्थन मूल्य से कम होकर 1,700 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है, जबकि सरकार ने समर्थन मूल्य 2,775 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। किसान बताते हैं कि क्रय केंद्र पर खरीद की अवधि समाप्त होने के बाद भी कई बार उन्हें नंबर मिलने के बावजूद खरीद पूरी हो चुकी होती है, जिससे उन्हें मजबूरन मंडी में कम दाम पर बाजरा बेचना पड़ता है। प्रभारी खाद्य विपणन अधिकारी राजीव वर्मा ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद की अवधि 31 दिसंबर थी और लक्ष्य पूरा होने के बाद भी लक्ष्य बढ़ाया गया था, लेकिन अब आढ़ती मजबूरी देखते हुए 2,300 से 1,700 रुपये में खरीद कर रहे हैं।
















