
हाथरस 17 जनवरी । सीडीओ के बाद अब एसडीएम सदर को लिखा गया बेसिक शिक्षा अधिकारी का पत्र इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बीएसए ने एक शिकायत पर तहसील में संबद्ध दो शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एसडीएम को पत्र लिखा था। एसडीएम ने पत्र पर आपत्ति दर्ज करते हुए बीएसए कार्यालय के पटल सहायक की भूमिका संदिग्ध मानी है। इस संबंध में उन्होंने बीएसए को कड़ी चेतावनी भी दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की एक शिकायत का हवाला देते हुए एसडीएम सदर को पत्र लिखा था। इसमें तहसील में संबद्ध सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। उल्लेख था कि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने सहायक अध्यापक के खिलाफ अमर्यादित व्यवहार और नियुक्ति प्रक्रिया में आवश्यक तथ्यों को छिपाने आदि की शिकायत की है। पत्र में सहायक अध्यापक हरवीर सिंह की भी शिकायत का जिक्र था। बीएसए ने पत्र में बीएलओ ड्यूटी में मनमानी बरतने की मौखिक शिकायत मिलने की बात करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी संस्तुति कर दी थी और दोनों शिक्षकों की संबद्धता तहसील सदर से समाप्त करने का अनुरोध किया था। जिस शिकायत का जिक्र करते हुए बीएसए ने पत्र लिखा था, उसे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धीरज सिंह ने फर्जी बताया। मामला प्रकाश में आते ही उन्होंने डीएम, एसडीएम व बीएसए सहित शासन स्तर तक पत्राचार कर फर्जी हस्ताक्षर से शिकायत किए जाने पर कार्रवाई की मांग की। बीएसए स्वाति भारती ने कहा कि दोनों शिक्षकों के संबंध में मेरे ही डिजिटल सिग्नेचर से पत्र जारी हुआ था। अभी मैं अवकाश पर हूं। वापस आने के बाद विस्तृत जानकारी दे सकती हूं। वहीं एसडीएम राजबहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षक संगठन ने किसी भी तरह की शिकायत से इंकार किया है। पत्र में एक शिक्षक का जिक्र भी नहीं है। इस संबंध में बीएसए को पत्र लिखा गया है।
















