
हाथरस 17 जनवरी । उन्नाव के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 के जिलाध्यक्ष नवीन प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट में सौंपा। ज्ञापन में संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के विरुद्ध राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मीडिया ट्रायल कराया गया तथा कथित दबावों में निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि बिना किसी दबाव के निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से मामले की पुनः जांच कराई जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि विगत वर्षों में उन्नाव की एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मीडिया ट्रायल और राजनीतिक दबावों के चलते पूर्व विधायक का पक्ष समुचित रूप से सुने बिना ही कार्रवाई की गई। संगठन का दावा है कि आवश्यक तथ्यों, वैज्ञानिक परीक्षण एवं उचित विश्लेषण के बिना निर्णय लिया गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बीते कुछ वर्षों में कुछ मामलों में मीडिया और विभिन्न संगठनों द्वारा क्षत्रिय समाज से जुड़े व्यक्तियों को बदनाम किया गया, जिससे कई निर्दोष लोगों को लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। बाद में न्यायालय से दोषमुक्त होने के बावजूद उनके सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने मांग की कि जब तक किसी मामले में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो, तब तक मीडिया ट्रायल पर रोक लगाई जाए। साथ ही पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर एवं उनके परिवार के पक्ष को निष्पक्ष रूप से सुने जाने और सभी तथ्यों की आधुनिक वैज्ञानिक विधियों से पुनः जांच कराए जाने का आग्रह किया गया, ताकि न्यायालय निष्पक्ष निर्णय दे सके। ज्ञापन सौंपने वालों में हरीश सेंगर, देवेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, सोहन सिंह, देवेंद्र सिंह चौहान, योगेश पौरुष, ब्रजेश कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
















