
हाथरस 15 जनवरी । डीएम का फर्जी अनुमोदन लेकर आतिशबाजी निर्माण और भंडारण के 18 लाइसेंस जारी करने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने मुरसान कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जय कुमार शर्मा ने एफआईआर न होने पर न्यायालय का रुख किया था। कलेक्ट्रेट में तैनात एक बाबू ने 2015 से 2020 के बीच डीएम के फर्जी अनुमोदन और कलेक्ट्रेट के फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग कर यह लाइसेंस जारी किए थे। इस मामले का खुलासा 2023 में हुआ था। अक्तूबर 2024 में तत्कालीन न्यायिक सहायक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ को निलंबित कर दिया गया और एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई। समिति ने लिपिक के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन जांच दबा दी गई थी। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए मुरसान प्रभारी निरीक्षक को रिपोर्ट दर्ज कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।















