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नई दिल्ली 14 जनवरी । भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) में ग्राहक शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय बैंक ने इंटरनल ओम्बड्समैन (आंतरिक लोकपाल) की नियुक्ति और कामकाज के लिए नियम तय किए हैं, जिनका उद्देश्य शिकायतों का त्वरित और सार्थक समाधान सुनिश्चित करना है। ये नियम वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक, NBFCs, प्रीपेड भुगतान उपकरण (PPI) जारीकर्ता और क्रेडिट सूचना कंपनियों (CICs) पर लागू होंगे। प्रत्येक संस्था को कम से कम एक इंटरनल ओम्बड्समैन नियुक्त करना अनिवार्य होगा, जो या तो सेवानिवृत्त अधिकारी हो या सेवारत अधिकारी, और उसके पास बैंकिंग, वित्त, भुगतान, क्रेडिट सूचना या ग्राहक संरक्षण में कम से कम सात वर्षों का अनुभव होना चाहिए। यह पद सीधे ग्राहकों से शिकायतें नहीं लेगा, बल्कि उन शिकायतों की समीक्षा करेगा जो संस्था द्वारा आंशिक रूप से हल या पूरी तरह खारिज की गई हैं। आरबीआई के पर्यवेक्षण विभाग की निगरानी में यह प्रणाली लागू होगी, जिससे ग्राहक सेवा और शिकायत निवारण के सभी पहलुओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित होगी। आरबीआई का यह कदम वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में ग्राहकों के विश्वास को मजबूत करने और शिकायत समाधान की प्रक्रिया को तेज़ व प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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