
हाथरस 13 जनवरी । जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा पुलिस लाइन स्थित माधव प्रेक्षा गृह में जनपद स्तरीय अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक रामानन्द कुशवाह, क्षेत्राधिकारी सिकन्दराराऊ, क्षेत्राधिकारी सादाबाद, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित जनपद के सभी थाना व शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
‘यक्ष ऐप’ से अपराध विश्लेषण होगा अधिक प्रभावी
गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को ‘यक्ष ऐप’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्रचलित ऑपरेशन त्रिनेत्र, ऑपरेशन पहचान एवं बीट प्रहरी ऐप का समस्त डेटा अब एक ही प्लेटफॉर्म पर संग्रहीत होगा, जिससे अलग-अलग ऐप पर डेटा फीड करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि क्राइम GPT (AI आधारित तकनीक) के माध्यम से अपराध व अपराधियों के डेटा का विश्लेषण तेज और सटीक होगा। यक्ष ऐप की सहायता से गैंग एनालिसिस के जरिए आपराधिक नेटवर्क की पहचान, कलर कोडिंग व स्कोरिंग से अपराधी की प्रवृत्ति का आकलन, शस्त्र लाइसेंस धारकों की निगरानी व QR कोड आधारित मालखाना प्रबंधन, गुमशुदा व्यक्ति एवं अज्ञात शव के पंजीकरण व मिलान में सहायता, CCTNS से डेटा फेच होने से कार्यक्षमता में वृद्धि, SOS अलर्ट एवं बीट क्षेत्र के CCTV का रिकॉर्ड एवं AI आधारित फेस, वॉयस और टेक्स्ट सर्च से अपराधी पहचान में आसानी होगी। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बीट कर्मियों के मोबाइल में यक्ष ऐप डाउनलोड कराकर OTP के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना सुनिश्चित करें तथा बीट प्रबंधन, हिस्ट्रीशीटर, नए अपराधी, शस्त्र लाइसेंस, गुमशुदा, मालखाना प्रबंधन आदि समस्त रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से ऐप पर फीड कराए जाएं।
लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने थानों पर लंबे समय से लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए अनावश्यक रूप से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। महिला अपराध, पोक्सो एक्ट, ईसी एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य गंभीर मामलों में विधिक निस्तारण एवं शेष वांछित, फरार व पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु ‘Zero Fatality District’ कार्यक्रम
जनपद के शीर्ष दुर्घटना-संवेदनशील थाना सिकन्दराराऊ, थाना हाथरस जंक्शन, थाना हाथरस गेट और थाना सादाबाद पर गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीम (CC Team) को ब्रेथ एनालाइजर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, बॉडी वॉर्न कैमरा, रेड/ग्रीन टॉर्च सहित आवश्यक चेकिंग किट आवंटित की गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सेव लाईफ फाउंडेशन के सहयोग से चलाए जा रहे Zero Fatality District (ZFT) कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को न्यूनतम करना है।
जनसुनवाई, IGRS व चोरी की घटनाओं पर सख्ती
आईजीआरएस पोर्टल एवं थानों/कार्यालयों पर लंबित प्रार्थना पत्रों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। सभी क्षेत्राधिकारियों व थाना प्रभारियों को प्रत्येक कार्यदिवस जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए। शीत ऋतु में कोहरे के दृष्टिगत चोरी, नकबजनी व वाहन चोरी की घटनाओं की रोकथाम हेतु दिन-रात गश्त, मॉर्निंग पुलिसिंग, बैंक व लेन-देन वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
फरियादियों की सुनवाई व निरोधात्मक कार्रवाई पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि थानों पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समय पर निस्तारण किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक या बड़ा विवाद उत्पन्न न हो। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सैनिक सम्मेलन में सुनी गईं पुलिसकर्मियों की समस्याएं
गोष्ठी के पश्चात आयोजित सैनिक सम्मेलन में पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित प्रत्येक पुलिसकर्मी की व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही थाना/चौकी पर किसी भी व्यक्ति को अनाधिकृत रूप से न बैठाने, नियमित गश्त, चेकिंग प्वाइंट निर्धारित करने एवं संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन जांच के निर्देश भी दिए गए।




















