हाथरस 10 जनवरी । काम के अधिकार की रक्षा के उद्देश्य से मनरेगा बचाओ संग्राम के राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ को लेकर जिला स्तर पर जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारियों ने विचार-विमर्श कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की और प्रेस नोट जारी किया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विवेक उपाध्याय एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष योगेश कुमार ‘ओके’ ने संयुक्त रूप से कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया एक अधिकार आधारित कानून है, जो ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह कानून न केवल रोजगार देने का अधिकार देता है, बल्कि रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान करता है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान, व्यापारी और मजदूर विरोधी मोदी सरकार ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर नया वीबी ग्राम जी अधिनियम लाकर मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। कांग्रेस पार्टी इस मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ जनता के बीच जाकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगी। जिला प्रवक्ता डॉ. मुकेश चंद्रा ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व द्वारा जारी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा 11 जनवरी से 25 फरवरी तक मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत विभिन्न चरणों में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान के तहत पर्चा वितरण किया जाएगा। 30 जनवरी को वार्ड एवं ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन होगा। 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला अधिकारी कार्यालय पर जिला स्तरीय धरना देकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 7 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव किया जाएगा। 16 फरवरी से 25 फरवरी तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (आईसीसी) द्वारा चार प्रमुख क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन किया जाएगा। मनरेगा बचाओ संग्राम की रूपरेखा तय करने हेतु आयोजित बैठक में प्रमुख रूप से डॉ. मुकेश चंद्रा, अजीत गोस्वामी, अवधेश बक्शी, संजीव अंधीवाल, ठाकुर कपिल सिंह, प्रभाशंकर शर्मा, गोविंद चतुर्वेदी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।




















