
लखनऊ 08 जनवरी । उत्तर प्रदेश शासन ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शासनादेश के अनुसार, आरटीई के अंतर्गत आवेदन करते समय बच्चों का आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह कदम निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(ग) के तहत लागू होगा, जिसके तहत गैर-सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा एक या पूर्व-प्राथमिक कक्षा में अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग के बच्चों को कम से कम 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा संचालित है, वहाँ यह व्यवस्था प्रारंभिक कक्षा से ही लागू होगी। चयनित बच्चों को कक्षा आठ तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। पूर्व में ऑनलाइन दस्तावेज़ सत्यापन और आधार नंबर बनाने में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन ने कुछ आंशिक संशोधन भी किए हैं। अब पूरी प्रवेश प्रक्रिया जिलाधिकारी और जिला शिक्षा परियोजना समिति की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। शासन का कहना है कि इस कदम से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक पात्र बच्चों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।






















