
हाथरस 06 जनवरी । शहर के सरक्यूलर रोड स्थित बलकेश्वर महादेव पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस कथा व्यास जगतगुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज के परम स्नेही शिष्य पूज्य रसराज दास महाराज के श्रीमुख से कथा की अमृतमयी रसवर्षा हुई। इस दौरान नंद बाबा द्वारा अपने पुत्र श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में पूरे गोकुल में मनाए गए नंदोत्सव का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। रसराज दास जी महाराज ने कहा कि जैसे प्रहलाद ने निष्कलंक भक्ति से प्रभु को पाया, वैसे ही सच्ची भक्ति से भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहलाए क्योंकि उन्होंने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। महाराज जी ने कलयुग में नामजप को ही सबसे सरल और कल्याणकारी मार्ग बताते हुए कहा कि मनुष्य उठते-बैठते, सोते-जागते किसी भी समय भगवान का नाम स्मरण करे, यही मानव उद्धार का मार्ग है। कथा में श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान कंस के अत्याचारों के अंत और प्रभु के अवतरण का भावपूर्ण वर्णन किया गया। जैसे ही नंदोत्सव का वर्णन हुआ, पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने नृत्य करते हुए एक-दूसरे को लाला के जन्म की बधाइयाँ दीं तथा खिलौने, मिठाइयाँ, टॉफी, बिस्किट आदि लुटाए गए। पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया।आयोजकों ने जानकारी दी कि कल पंचम दिवस की कथा दोपहर 2:00 बजे से प्रारंभ होगी, जिसमें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन किया जाएगा, जो हरि इच्छा तक चलेगी। व्यवस्थाओं में प्रेमचंद वर्मा, किशोरीरमन वर्मा, प्रवीण वार्ष्णेय, राधारमण वर्मा, राजू लाला, ओमप्रकाश वर्मा, राजकुमार वर्मा, महेश वर्मा, दिलीप वर्मा, बिंटू वर्मा, श्रीनाथ, अमित, बिपिन, विशाल, तरुण, अंकित, अरुण, गोपाल, राम वर्मा, टिंकू वर्मा, योगेश वर्मा, दाऊजी वर्मा, सचिन वर्मा, दाऊदयाल वर्मा, कृष्णा, बिपिन कांत, मनोज वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय, अमरप्रकाश वार्ष्णेय, राजू वार्ष्णेय, अरुण अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, चिराग, गुड्डा, मुकेश शर्मा, अमन बगला, सुरेश अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु एवं सेवाभावी कार्यकर्ता मौजूद रहे।




















