
काराकास 03 जनवरी । वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में शनिवार तड़के हुए धमाकों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यह हमला अमेरिका द्वारा किया गया है और इसमें वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से की गई और जल्द ही इसकी पूरी जानकारी साझा की जाएगी। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने बताया कि न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चलाई जाएगी। मादुरो पर अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी, नार्को-टेररिज्म, हथियार रखने और साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर, वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज़ ने राष्ट्रपति मादुरो के जीवित होने का सबूत मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार को मादुरो और उनकी पत्नी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है। वहीं वेनेज़ुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज़ ने पूरे देश में सेना की तैनाती की घोषणा करते हुए जनता से एकजुट रहने की अपील की है। इन हमलों के बाद वेनेज़ुएला सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है और इसे अमेरिका की सैन्य आक्रामकता बताते हुए कड़ी निंदा की है। सरकार का आरोप है कि हमले रिहायशी इलाकों और सैन्य ठिकानों के पास हुए, जिससे आम नागरिकों की जान को खतरा पैदा हुआ। इस घटनाक्रम पर रूस और कोलंबिया ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस ने इसे वेनेज़ुएला की संप्रभुता पर हमला बताया, जबकि कोलंबिया ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए किसी भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है। अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच बढ़ते टकराव से लैटिन अमेरिका में हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं।















