
हाथरस 03 जनवरी । महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते खतरे को देखते हुए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को जल्द ही राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल यह वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है और इसकी कीमत 3 से 4 हजार रुपये है। हाल ही में आयोजित टीकाकरण शिविर में 14 से 15 वर्ष की 98 किशोरियों को यह वैक्सीन दी गई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमआई आलम ने बताया कि नौ से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को यह वैक्सीन दी जा सकती है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने फिलहाल 14 से 15 वर्ष की उम्र के लिए इसे सिफारिश की है। इस उम्र में टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावी होता है और भविष्य में एचपीवी संक्रमण के खतरे को लगभग 90 प्रतिशत तक कम कर देता है। टीकाकरण शिविर 29 नवंबर को टुकसान के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में आयोजित किया गया था। मंडलायुक्त की पहल और समाजसेवकों के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग को 100 इंजेक्शन मिले, जिनमें से 98 किशोरियों को वैक्सीन लगाई गई। सीएमओ डाॅ. राजीव रॉय ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी संक्रमण है और टीकाकरण के माध्यम से इसे रोका जा सकता है। टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध होगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।















