हाथरस 29 नवम्बर । डिब्बा गली स्थित प्राचीन श्री वराह भगवान मंदिर में इस वर्ष भी मोक्षदायिनी एकादशी 1 दिसम्बर के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर को आकर्षक फूल बंगले से सजाया गया है, वहीं शाम को जी के कॉटेज मंडली द्वारा विशाल संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मंदिर के पंडित सुरेश प्रकाश चक्रपाणि ने दी।
पंडित चक्रपाणि ने बताया कि मोक्षदायिनी एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस तिथि पर भगवान विष्णु ने वराह अवतार धारण कर पृथ्वी को हिरणाकश्यप नामक राक्षस के पाश से मुक्त कराया था। इस कारण यह एकादशी मोक्ष प्रदान करने वाली मानी गई है और मोक्षदा एकादशी के नाम से विख्यात है।उन्होंने आगे बताया कि इसी पावन दिन महाभारत काल में कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। यही कारण है कि इस तिथि को गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। भक्तजन इस दिन उपवास, पूजा-अर्चना, गीता पाठ और भजन-कीर्तन कर मोक्ष व कल्याण की कामना करते हैं।शाम के समय जी के कॉटेज संकीर्तन मंडली द्वारा होने वाले भजनों में भगवान श्री विष्णु के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन किया जाएगा। श्री चक्रपाणि ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे 1 दिसम्बर को दर्शन कर और विशाल संकीर्तन में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।














