
हाथरस 13 अक्टूबर । जिले के मुरसान थाना क्षेत्र में तीन दिन पूर्व हुई मुठभेड़ के बाद दो युवकों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ तेज हो गई हैं। पुलिस ने 10 अक्टूबर को लूट के एक मामले में ओमवीर सिंह उर्फ सोनू और उसके साथी सूर्यदेव उर्फ देवा को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान सोनू के पैर में गोली लगी थी। हालांकि, सोनू और सूर्यदेव के परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को फर्जी मुठभेड़ बताते हुए विरोध जताया। उनका आरोप है कि पुलिस ने युवकों के परिवार पर दबाव बनाया और उन्हें युवकों को पुलिस के हवाले करने को मजबूर किया। मुठभेड़ में घायल युवक जाट समुदाय से होने के कारण समुदाय ने भी पुलिस के खिलाफ एकजुट होकर कार्यवाही की मांग की है। आज इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रामजीलाल सुमन हाथरस पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस एनकाउंटर में हमेशा पैर में गोली क्यों लगती है और इसे मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि पुलिस शरीफ आदमी को अपराधी बना रही है। उन्होंने मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने चेताया कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे जगह-जगह पंचायत और आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर सपा के प्रदेश सचिव बृजमोहन राही, लल्लन बाबू एडवोकेट, टेकपाल कुशवाहा सहित अन्य नेता उपस्थित रहे। वहीं, अन्य राजनीतिक दलों ने भी जिलाधिकारी राहुल पांडेय को ज्ञापन सौंपा और मुठभेड़ में घायल युवकों की तत्काल रिहाई तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने और कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

















