
हाथरस 6 नवंबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जनपद में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए चार विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए हैं। यह अभियान 21 नवंबर (शनिवार), 22 नवंबर (रविवार), 28 नवंबर (शनिवार) एवं 29 नवंबर (रविवार) को आयोजित किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशान्त तिवारी ने बताया कि विशेष अभियान दिवसों पर जनपद के सभी मतदेय स्थलों एवं पदाभिहित केंद्रों पर आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी तथा पदाभिहित अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के साथ दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए फार्म-6, फार्म-6ए, फार्म-7 एवं फार्म-8 पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां मतदाताओं को निर्धारित फार्म भरने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। अभियान के दौरान प्राप्त सभी फार्मों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं अभिलेखीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों, स्थानीय सभासदों, ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में रिक्शों पर लाउडस्पीकर लगाकर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डुगडुगी पिटवाकर मुनादी एवं घोषणाएं कराई जाएंगी। अभियान से संबंधित चुनिंदा वीडियो फुटेज जनपद की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। विशेष अभियान दिवसों पर जिला निर्वाचन अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए भ्रमण कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि जनपद का कोई भी क्षेत्र निरीक्षण से वंचित न रहे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशान्त तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यवाहियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरी की जाएं। अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










