
हाथरस 03 नवंबर। साइबर अपराध के मामलों की जांच के दौरान हाथरस के एक बैंक खाते में देश के विभिन्न राज्यों में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर होने का मामला सामने आया है। वित्त मंत्रालय भारत सरकार के अधीन फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) से प्राप्त संदिग्ध वित्तीय लेनदेन रिपोर्ट (STR) के आधार पर की गई जांच में खाते से जुड़े 13 साइबर ठगी के मामलों का पता चला है। इन मामलों में कुल 10 लाख 39 हजार 737 रुपये की धनराशि खाते में ट्रांसफर हुई। साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, FIU-IND के माध्यम से केस आईडी BA00732897 जांच के लिए प्राप्त हुई थी। जांच में सामने आया कि सियाल, किला गेट हाथरस निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र पूरनचंद के नाम से केनरा बैंक में खाता संचालित है। इस खाते को एनसीआरपी/जेएमआईएस पोर्टल पर जांचने पर देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड से संबंधित 13 शिकायतें मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम लेयर-2 और लेयर-3 के माध्यम से इस खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु के पल्लीकरनई थाने में दर्ज शिकायत में 75 हजार रुपये, तेलंगाना के साइबराबाद-कुकटपल्ली की शिकायत में एक लाख रुपये, आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मन्यम-मकूवा की शिकायत में 40 हजार 300 रुपये और दिल्ली सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन की शिकायत में एक लाख 14 हजार 637 रुपये इस खाते में आए।
इसके अलावा कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज छह शिकायतों के माध्यम से खाते में 34 हजार 800 रुपये, 75-75 हजार रुपये की पांच अलग-अलग धनराशियां ट्रांसफर की गईं। छत्तीसगढ़ के रायपुर कमिश्नरेट-पंडरी नगर की शिकायत में 75 हजार रुपये, तेलंगाना के हैदराबाद साइबर क्राइम की शिकायत में डेढ़ लाख रुपये और मलकाजगिरी-उप्पल नगर की शिकायत में 75 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर हुए। इस तरह कुल 13 शिकायतों में 10 लाख 39 हजार 737 रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है। साइबर सेल के निरीक्षक अमन कुमार वैश्य ने तहरीर में प्रथम दृष्टया खाताधारक की साइबर अपराध में संलिप्तता की आशंका जताई है। आरोप है कि वह साइबर ठगी करने वालों के संपर्क में रहकर ठगी की रकम को इधर-उधर करने में मदद कर रहा था और इसके बदले लाभ कमा रहा था। तहरीर के आधार पर खाताधारक के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि इस वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।






