
हाथरस 18 अक्टूबर । दहेज में अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव पोरा निवासी विवाहिता अंजुम ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और स्त्रीधन छीनने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने महिला थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता अंजुम पुत्री भीकम अली निवासी ग्राम पोरा, थाना सिकंदराराऊ के अनुसार, उसका निकाह 10 जनवरी 2026 को आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के पिला खार, अग्रसेन पुरम निवासी फिरोज मलिक पुत्र शौकत अली के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। अंजुम का कहना है कि उसके पिता ने निकाह में करीब 10 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें चार लाख रुपये नकद, पैशन मोटरसाइकिल, सोने की जंजीर, अंगूठी, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, फर्नीचर और कपड़े सहित अन्य सामान दिया गया था।
आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद पति फिरोज मलिक, सास हमीदन, ननद परवीन, जेठ बबलू, नवीहसन और गुलाब तथा जिठानी अफसाना ने दिए गए दहेज को कम बताते हुए मकान खरीदने के लिए अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। पीड़िता के मुताबिक, जब उसने और उसके मायके पक्ष ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो उसके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा। आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। अंजुम ने अपनी शिकायत में बताया कि 31 जनवरी 2026 को शाम करीब पांच से छह बजे के बीच ससुराल पक्ष के लोग उसे चार पहिया वाहन से आगरा के रामबाग स्थित टेढ़ी बगिया क्षेत्र में ले गए। आरोप है कि उसे केवल पहने हुए कपड़ों में वहां छोड़ दिया गया और धमकी दी गई कि यदि वह अतिरिक्त 10 लाख रुपये के बिना ससुराल लौटी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसका स्त्रीधन अपने पास रख लिया और उसे अपने साथ नहीं ले जाने दिया।
घटना के बाद अंजुम किसी तरह अपने मायके पहुंची और अपने पिता भीकम अली तथा परिवार के अन्य सदस्यों को पूरी बात बताई। पीड़िता के अनुसार, उसके पिता ने ससुराल पक्ष से बातचीत कर मामला सुलझाने और बेटी को वापस रखने की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि वे अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग पर अड़े रहे। पीड़िता ने 17 जुलाई 2026 को महिला थाने में शिकायत देकर मामले में मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।






