
हाथरस 18 अक्टूबर। वॉइस ऑफ चौकीदार सेवा समिति की ओर से ग्राम चौकीदारों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर सांसद अनूप वाल्मीकि को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से चौकीदारों ने मानदेय में पर्याप्त वृद्धि करने, ड्यूटी के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और ड्यूटी के दौरान किसी चौकीदार की मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। ज्ञापन में ग्राम चौकीदारों ने सरकार द्वारा मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार का आभार व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। इस कारण चौकीदार इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं हैं और अपने मानदेय में और वृद्धि चाहते हैं।
न्यूनतम वेतन देने की मांग
समिति की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अंबेडकर महासभा में न्यूनतम वेतन को लेकर बात कही थी। इसी क्रम में ग्राम चौकीदारों ने अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के इको गार्डन में 5 अक्टूबर को धरना भी दिया था। चौकीदारों ने मांग की कि उनकी सेवाओं और जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें उचित मानदेय दिया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें।
टॉर्च, वर्दी, डंडा और साइकिल उपलब्ध कराने की मांग
ज्ञापन में ग्राम चौकीदारों को ड्यूटी के लिए टॉर्च, वर्दी, डंडा, सीटी और साइकिल सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई। चौकीदारों का कहना है कि वे रात के समय अपने-अपने गांवों में पुलिस के साथ गश्त करते हैं। इस दौरान उन्हें बदमाशों और अन्य असामाजिक तत्वों से खतरा बना रहता है। ऐसे में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार को मिले मुआवजा
ग्राम चौकीदारों ने ज्ञापन में यह भी कहा कि रात्रि गश्त के दौरान कई बार चौकीदारों पर बदमाशों द्वारा हमला किए जाने और उनकी हत्या किए जाने का खतरा रहता है। ऐसी परिस्थितियों में यदि किसी चौकीदार की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को कम से कम 15 से 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण हो सके। समिति ने सांसद अनूप वाल्मीकि से चौकीदारों की मांगों को संबंधित स्तर पर उठाने और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की। ज्ञापन सौंपने के दौरान हरिया, राजू, कन्हैया, कालीचरण, राजवीर, पप्पू, सुरेश कुमार, सहजाद खान, रिंकू, सहरुद्दीन और विनोद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





