
हाथरस 15 अक्टूबर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के जीवन और भविष्य के साथ लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्कूली परिवहन व्यवस्था सुरक्षित बनाने और यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि स्कूली वाहन चालकों और परिचालकों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच की जाए। किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि विद्यालय संचालक निर्धारित 29 बिंदुओं की जांच सूची के आधार पर पहले स्वयं अपने वाहनों की जांच कर लें। इसके बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिन विद्यालयों के वाहनों से पूर्व में सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, उनकी जांच के लिए समिति गठित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना होने अथवा बच्चों की मृत्यु की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्कूली एवं निजी वाहनों से आने वाले बच्चों को विद्यालय परिसर के अंदर ही उतारने तथा छुट्टी के बाद परिसर के अंदर से ही वाहनों में बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की नियमित जांच की जाए, ताकि बच्चों को सड़क पर उतरने और चढ़ने के दौरान किसी प्रकार का खतरा न हो। साथ ही, बच्चों के ई-रिक्शा से विद्यालय आने पर रोक सुनिश्चित कराने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि शासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण करते हुए बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें और स्कूली परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी यातायात, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, यातायात निरीक्षक, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक एवं प्रभारी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







