
हाथरस 11 अक्टूबर। हाथरस पुलिस की पहल पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत दर्ज नौ मामलों में कथित रूप से झूठे सबूत पेश किए जाने के संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इन मामलों में न्यायालय ने अनुदान राशि की वसूली और गलत साक्ष्य प्रस्तुत करने के संबंध में नोटिस जारी किए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 383(1) के तहत की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इन नौ प्रकरणों में पीड़ित पक्ष को दी गई अनुदान राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें एक मामले में गंगाधर को दी गई 1.50 लाख रुपये की राशि, एक अन्य मामले में 2.50 लाख रुपये और कुछ दूसरे मामलों में 75 हजार रुपये की अनुदान राशि शामिल है। पुलिस की पहल पर संबंधित मामलों में न्यायालय के माध्यम से आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
एक मामले में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं
जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र के एक मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। वहीं, हाथरस गेट कोतवाली के एक अन्य मामले में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण अनुदान राशि रद्द किए जाने का विवरण सामने आया है। इन मामलों में न्यायालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद संबंधित पक्षों से जवाब और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। हालांकि, किसी मामले में आरोप सिद्ध होने, झूठे साक्ष्य देने की जिम्मेदारी तय होने और अनुदान राशि की अंतिम वसूली के संबंध में न्यायालय की प्रक्रिया और निर्णय महत्वपूर्ण होंगे।










